सफलता की कहानी हिंदी में

महत्वपूर्ण सीख देती सफलता की कहानी हिंदी में | Success Story In Hindi

Inspirational Success Story In Hindi – आप सब ने बहुत सी सफलता की हिंदी कहानियां (Stories) पढ़ी होंगी जिनसे आपको कुछ ना कुछ प्रेरणा जरूर मिली होगी. हम भी यहाँ आपके लिए लेकर आये हैं एक आलसी व्यक्ति की सफलता की कहानी हिंदी में जो है तो छोटी सी पर आपको एक महत्वपूर्ण सीख जरूर देगी.

हर सफल व्यक्ति की अपनी एक कामयाबी की कहानी होती है और उसके पीछे छुपी होती है एक सीख. अगर हम दूसरों की कहानियों को ध्यान से पढ़ें और उनसे कुछ सीखने का प्रयत्न करें तो यकीनन हम खुद अपने जीवन में Successful हो सकते हैं. इसीलिए हर हिंदी कहानी के आखिर में Moral दिया जाता है.

कुछ व्यक्ति अपनी पूरी ज़िन्दगी एक ही पटरी पर चलते रहते हैं और अपने जीवन में कुछ ख़ास नहीं कर पाते. लेकिन कुछ व्यक्ति अन्य लोगों से प्रेरणा लेकर अपने आप में समय रहते सुधार करते हैं और जो चाहते हैं उसमें सफलता प्राप्त कर लेते हैं. तो चलिए एक ऐसी ही Small Story आपके सामने पेश करते हैं.

Motivational Success Story In Hindi – सफलता की कहानी

एक जवान लड़का था जिसका नाम था रामपाल. बचपन से ही वो पढाई लिखाई में बहुत तेज था. जैसे जैसे वो और बड़ा होता गया उसका ध्यान आध्यात्म की तरफ होता चला गया. 25 की उम्र तक आते आते उसे मानों भगवान् का ध्यान करने और पूजा अर्चना करने की जैसे लत लग गयी थी.

हालांकि उसकी बचपन से इच्छा थी की वो बहुत ज्यादा पैसे कमाए. इसके लिए वो हमेशा कुछ ना कुछ करने की भी सोचता रहता था. पर कुछ यूँ लगा लीजिये की सुबह से लेकर शाम तक वो भगवान् की पूजा अर्चना और ध्यान करने में ही ज्यादातर समय बिता देता था.

रामपाल की सफलता की कहानी (Success Story) को आगे जरा ध्यान लगाकर पढियेगा और इससे मिलने वाली सीख और प्रेरणा को अपने खुद के जीवन में भी जरूर लागू कीजियेगा. तो बस भगवान् को याद करते करते पता नहीं 5-6 साल और कब बीत गए.

हालांकि भगवान् का ध्यान करना और उन पर विश्वास करना कोई बुरी बात नहीं, पर रामपाल इतने सालों में ऐसा करते करते बहुत ही ज्यादा आलसी हो चुका था. अब चूँकि कमाने की उम्र निकली जा रही थी तो उसे इस बात की ज्यादा चिंता होने लगी.

Success Story In Hindi

अमीर तो वो बनना चाहता ही था, उसके लिए कुछ करना भी चाहता था. पर बस अपनी पूजा अर्चना के चक्कर में कोई भी काम शुरू नहीं कर पा रहा था. ऊपर से उस पर आलस इस कदर हावी हो गया था की बस योजनायें बनाता था, उनकी शुरुआत नहीं करता था.

जैसे जैसे समय बीतता गया उसको अपने जीवन और भविष्य के बारे में और ज्यादा चिंता होने लगी की अब सब कैसे होगा? एक दिन रात के समय सोते सोते उसने फैसला किया की वो पिछले 10-15 साल से भगवान् की पूजा अर्चना कर रहा है, इसलिए अब भगवान् से ही पैसे मांगेगा.

उसे अपने भगवान् पर पूरा विश्वास था, उसे यकीन था की इतने सालों से वो भगवान् को याद कर रहा है, तो भगवान् उसकी जरूर सुनेंगे. उसी दिन से वो हर रोज जब भी भगवान् की पूजा करता, उनको याद करता तो उनसे लाखों रूपए की मांग जरूर करता.

उसे पूरा विश्वास था की अब मेरे भगवान् ही मेरी सफलता की कहानी लिखेंगे. यूँ भगवान् से पैसे मांगते मांगते और उनका ध्यान करते करते कई साल बीत गए और रामपाल अब 40-42 साल को हो गया. पर भगवान् के द्वारा उसके अमीर बनने की इच्छा अब तक पूरी नहीं हुयी.

वो बहुत ज्यादा परेशान रहने लगा और उसे इस बात को लेकर काफी ज्यादा मानसिक आघात पहुंचा की 20 साल से वो अपने भगवान् की पूजा कर रहा है लेकिन उन्होंने उसकी इच्छा पूरी नहीं की. अब रामपाल को लगने लगा की उसका जीवन पूरी तरह से ख़त्म हो चुका है.

वो पागल सा रहने लगा और पूजा अर्चना करना सब छोड़ दिया. हाँ, वो रात को सोते समय अभी भी एक बार भगवान् को याद करके जरूर सोता था और मन ही मन उनसे पूछता था की क्यों आपने मुझे अमीर नहीं बनाया? सिर्फ कुछ लाख रूपए ही तो मांगे थे मैंने.

यूँ करते करते दिन बीतते गए. एक रात रामपाल भगवान् को याद करके सोया ही था की अचानक भगवान् उनके सपने में आये. उनके दोनों हाथों में नोटों की गड्डियाँ भरी हुयी थी. रामपाल खुद को बहुत ही हल्का महसूस कर रहा था और उसे ये सपना नहीं बल्कि हकीक़त महसूस हो रही थी.

उसे बिलकुल ऐसा महसूस हो रहा था की भगवान् उसके सामने लाखों रूपए लेकर खड़े हैं और वो खुद भी नींद में नहीं बल्कि जग रहा है. रामपाल बहुत ही खुश हुआ और उसने रुपयों की और अपने हाथ बढाने चाहे. लेकिन ये क्या, रामपाल अपने हाथ ही नहीं उठा पा रहा था.

उसने लाख कोशिश की पर अपने हाथों को उठाकर आगे नहीं बढ़ा पाया. उधर भगवान् पैसों को हाथों में लेकर धीरे धीरे मुस्कुरा रहे थे. रामपाल ने दुखी होते हुए कहा की प्रभु क्यूँ आप मुझे ये रूपए नहीं दे रहे हैं? इतने सालों से क्यों मेरी इच्छा पूरी नहीं कर रहे हैं? क्या मेरी पूजा अर्चना में कोई कमी थी?

क्या मैंने आपको सच्चे दिल से याद नहीं किया? आपने दुनिया में करोड़ों लोगों की सफलता की कहानी लिखी है, उन्हें पता नहीं कितनी दौलत दी है. फिर मेरे साथ ऐसी नाइंसाफी क्यों प्रभु? इतने सालों में एक भी ऐसा दिन नहीं गया जब मैंने आपको याद ना किया हो.

भगवान् मुस्कुराये और बोले, रामपाल तुम्हारी पूजा अर्चना में कोई कमी नहीं, तुम मुझपर पूरा विश्वास करते हो, ये भी जानता हूँ. तुम एक सच्चे दिल इंसान हो और मै तुमसे खुश हूँ. तभी तो तुम्हारे लिए अपने हाथों में इतनी दौलत लिए खड़ा हूँ.

सफलता की कहानी हिंदी में

रामपाल ने कहा, तो प्रभु आप मुझे ये रूपए देते क्यों नहीं? भगवान् ने कहा, रामपाल, मै तो तुम्हे ये रूपए देने ही आया हूँ, लेकिन तुम खुद इन्हें नहीं ले पा रहे हो. रामपाल को कुछ समझ ना आया और दुखी होते हुए बोला, प्रभु मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है मै क्या करूं? ये क्या हो रहा है.

तब भगवान् ने कहा शांत हो जाओ पुत्र और मेरी बात ध्यान से सुनो. तुमने जब से मुझसे दौलत माँगना शुरू किया था मैं तब से ही तुम्हारे लिए ये रूपए पैसे हाथों में लेकर तुम्हे देने के मौके की तलाश में हूँ? लेकिन इतने साल बीत गए, तुम मुझे मौका ही नहीं दे रहे हो ये पैसे देने का?

रामपाल ने कहा प्रभु मै समझा नहीं. तब भगवान् ने कहा रामपाल तुम इतने सालों से मुझे सच्चे दिल से याद कर रहे हो, मै तुमसे बहुत खुश हूँ. लेकिन मै ये दौलत तुम्हे यूँ ही Direct नहीं दे सकता. इसके लिए मुझे कोई ना कोई बहाना तो दो.

जो तुमने सालों से सोच कर रखा है अपना वो काम धंधा शुरू करो जिसमें मै तुम्हे सफलता दिलाऊंगा और ये ढेर सारी दौलत कुछ ही समय में तुम्हारे काम के जरिये मै तुम्हारे पास पहुंचा दूंगा. तुम्हारा अमीर बनने का सपना पूरा हो जाएगा. अब रामपाल को सारा माजरा समझ आ चुका था.

उसने भगवान् से माफ़ी मांगी और हाथ जोड़कर धन्यवाद किया. प्रभु वहां से गायब हो गए और कुछ घंटों बाद रामपाल की आँखें खुली. उसे सपने की सारी बातें याद आई. उसमें तुरंत नहा धोकर अपने भगवान् से आशीर्वाद लिया और उसी दिन से अपना नया काम (जिसके बारे में सोचता था) वो शुरू किया.

वह लगातार अपने काम में जी तोड़ मेहनत करने लगा और 1-2 साल में ही उसे उस काम से उससे भी ज्यादा दौलत हासिल हो गयी जितनी उसने भगवान् से मांगी थी. वह हर रोज भगवान् का शुक्रिया अदा करता था. उसे अब ज़िन्दगी का सबक और भगवान् के देने का तरीका अच्छी तरह से समझ आ चुका था.

Moral – रामपाल की Inspire करने वाली कामयाबी की हिंदी कहानी से हमें ये सीखने को मिलता है की भगवान् को भी हमें कुछ देने के लिए कोई बहाना चाहिए होता है. जो लोग पड़े पड़े बस भगवान् से मांगते रहते हैं उन्हें भगवान् कुछ नहीं दे सकते. उसके लिए आपको कुछ ना कुछ करना तो जरूर पड़ेगा.

भगवान् में विश्वास करना अच्छी बात है, उन्हें याद करना ही चाहिए. लेकिन अगर आप भगवान् से कुछ माँगना चाहते हैं तो उसके लिए कड़ी मेहनत जरूर करें और भगवान् को जरिया दें, तभी प्रभु आपको दे पायेंगे. नहीं तो रामपाल की तरह भगवान् तो आपको देना चाहेंगे पर आपके खुद के हाथ नहीं बढ़ पायेंगे.

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ये था हमारा लेख सफलता की कहानी हिंदी में – Motivational Success Story In Hindi जिससे आपको अच्छी सीख और प्रेरणा जरूर मिली होगी. अगर आपको ये हिंदी कहानी पसंद आई हो तो इसे Like और Share जरूर करें. हमारे साथ जुड़ने के लिए हमारे Facebook Page को Like करे और हमें Subscribe जरूर कर लें.

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